Categories
शेर

हादसा ये भी ज़माने से छुपाया

अश्क जब आंख की दहलीज पे आया होगा

हादसा ये भी ज़माने से छुपाया होगा

नाम पर अब भी निकलते हुए आंसू होंगे

कौन कहता है मुझे उसने भुलाया होगा

Latest posts by चित्रेन्द्र स्वरूप राजन (see all)